Startup India (DPIIT recognition)
आसान शब्दों में
स्टार्टअप, स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर डीपीआईआईटी मान्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं। मान्यता मिलने पर कुछ लाभ मिल सकते हैं।
क्या मिल सकता है
कुछ श्रम और पर्यावरण कानूनों में स्व-प्रमाणन, पेटेंट फीस में 80% छूट, पहले 10 सालों में से 3 साल आयकर छूट, आसान बंदी, और सरकारी खरीद में राहत मिल सकती है।
किसके लिए है
कंपनी, पार्टनरशिप फर्म, एलएलपी या सहकारी समिति के रूप में पंजीकृत योग्य स्टार्टअप।
मुख्य पात्रता शर्तें
- स्थापना के 10 साल के भीतर (डीपटेक के लिए 20 साल)।
- टर्नओवर 200 करोड़ रुपये से कम (डीपटेक के लिए 300 करोड़)।
- मौलिक और नया व्यवसाय।
जो शर्तें हम नहीं जांच पाए
- संस्था प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पार्टनरशिप फर्म, LLP या सहकारी समिति होनी चाहिए।
- स्थापना को 10 साल के अंदर होना चाहिए (डीपटेक के लिए 20 साल) और कारोबार 200 करोड़ रुपये से कम होना चाहिए (डीपटेक के लिए 300 करोड़ रुपये)।
- संस्था नई होनी चाहिए और उसका मॉडल नया और आगे बढ़ने लायक होना चाहिए।
किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत पड़ सकती है
हम दस्तावेज़ों की सूची पक्की नहीं कर पाए। आधिकारिक स्रोत देखें।
आवेदन कैसे करें
- स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर पंजीकरण करें।
- डीपीआईआईटी मान्यता का आवेदन फॉर्म भरें।
आवेदन के पूरे चरण पक्के नहीं हो पाए। नीचे दिया आधिकारिक स्रोत खोलें।
आवेदन शुल्क
हम आवेदन शुल्क पक्का नहीं कर पाए।
आवेदन की तारीखें
- अभी की आखिरी तारीख पक्की नहीं हो पाई। आधिकारिक स्रोत देखें।
आधिकारिक जानकारी
विभाग: Government of India (DPIIT), Startup India
आखिरी जांच: 24 सितंबर 2026
हम आवेदन का आधिकारिक लिंक पक्का नहीं कर पाए। कृपया नीचे दिया आधिकारिक स्रोत देखें।
आप सरकार की आधिकारिक वेबसाइट खोल रहे हैं। उस वेबसाइट पर LABHLO का नियंत्रण नहीं है।
LABHLO सारांश। यह सरकारी दस्तावेज़ नहीं है।
LABHLO सरकारी वेबसाइट नहीं है। पात्रता और मंज़ूरी का अंतिम फैसला संबंधित सरकारी विभाग करता है। आवेदन से पहले आधिकारिक स्रोत जांचें।
योजना पास कराने का वादा करने वाले किसी को पैसे न दें। शुल्क की बात आधिकारिक सरकारी स्रोत पर देखें।
सवाल और जवाब
जवाब सिर्फ हमारी जांची हुई आधिकारिक जानकारी से हैं।
कौन आवेदन कर सकता है?
कंपनी, पार्टनरशिप फर्म, एलएलपी या सहकारी समिति के रूप में पंजीकृत योग्य स्टार्टअप।
लाभ कितना है?
कुछ श्रम और पर्यावरण कानूनों में स्व-प्रमाणन, पेटेंट फीस में 80% छूट, पहले 10 सालों में से 3 साल आयकर छूट, आसान बंदी, और सरकारी खरीद में राहत मिल सकती है।
कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
हम इसे अपनी जांची हुई आधिकारिक जानकारी से पक्का नहीं कर पाए।
आवेदन कैसे करें?
हम इसे अपनी जांची हुई आधिकारिक जानकारी से पक्का नहीं कर पाए।
क्या यह अभी खुली है, और आखिरी तारीख क्या है?
हम इसे अपनी जांची हुई आधिकारिक जानकारी से पक्का नहीं कर पाए।
क्या ऑनलाइन आवेदन हो सकता है?
हम इसे अपनी जांची हुई आधिकारिक जानकारी से पक्का नहीं कर पाए।
क्या आवेदन शुल्क है?
हम इसे अपनी जांची हुई आधिकारिक जानकारी से पक्का नहीं कर पाए।
क्या आधिकारिक PDF है?
हमें इस योजना की आधिकारिक PDF नहीं मिली।
मिलती-जुलती योजनाएं
Animal Husbandry Infrastructure Development Fund (AHIDF)
यह केंद्र सरकार का फंड है। डेयरी, मांस प्रसंस्करण और पशु आहार ढाँचे के बैंक ऋण पर 3% ब्याज सहायता मिल सकती है।
- लाभ
- अनुसूचित बैंक से परियोजना लागत का 90% तक ऋण, और सरकार से 3% ब्याज सहायता। चुकौती अवधि 2…
- किसके लिए
- किसान उत्पादक संगठन, निजी कंपनियाँ, व्यक्तिगत उद्यमी, धारा 8 कंपनियाँ और MSME।
- आखिरी जांच
- 24 सित॰ 2026
Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises (CGTMSE)
यह सूक्ष्म और छोटे उद्यमों को बिना गारंटी के कर्ज़ के लिए सुरक्षा कवर है। कवर के लिए बैंक आवेदन करता है।
- लाभ
- प्रति कर्ज़ 10 करोड़ रुपये तक का गारंटी कवर मिल सकता है। न्यूनतम सालाना गारंटी फीस 0.37%…
- किसके लिए
- पंजीकृत बैंक या संस्था से कर्ज़ लेने वाले सूक्ष्म और छोटे उद्यम।
- आखिरी जांच
- 24 सित॰ 2026
PM Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi (PM SVANidhi)
पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि)
रेहड़ी-पटरी वालों के लिए कार्यशील पूंजी ऋण योजना।
- लाभ
- पेज पर तीन चरणों में ऋण बताया गया है: 15,000, 25,000 और 50,000 रुपये। दूसरा ऋण चुकाने के…
- किसके लिए
- नगर निकाय के सर्वे में शामिल रेहड़ी-पटरी वाले आवेदन कर सकते हैं।
- आखिरी जांच
- 24 सित॰ 2026
PM Vishwakarma
पीएम विश्वकर्मा
यह योजना पारंपरिक कारीगरों के लिए है। इसमें प्रशिक्षण, औज़ार और कम ब्याज पर कर्ज़ मिल सकता है।
- लाभ
- प्रमाणपत्र और पहचान पत्र, प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन, 15,000 रुपये का औज़ार…
- किसके लिए
- 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कारीगर जो 18 पारंपरिक कामों में से किसी एक में लगे…
- आखिरी जांच
- 24 सित॰ 2026
Pradhan Mantri Formalisation of Micro Food Processing Enterprises (PMFME)
यह केंद्र सरकार की योजना है। मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को ऋण से जुड़ी सब्सिडी और खाद्य प्रसंस्करण करने वाले स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को बीज पूँजी मिल सकती है।
- लाभ
- योग्य परियोजना लागत का 35% ऋण से जुड़ी पूँजी सब्सिडी, अधिकतम 10 लाख रुपये प्रति इकाई।…
- किसके लिए
- प्रोप्राइटरी या साझेदारी फर्म के रूप में चल रही मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण…
- आखिरी जांच
- 24 सित॰ 2026
पात्रता का अंतिम फैसला सरकारी विभाग करता है।
गलत रकम, गलत पात्रता, टूटा लिंक, गलत तारीख या कमी? हमें बताएं।
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