मनोधैर्य योजना का दायरा बढ़ा और सब एक शासन निर्णय में
अधिकृत शीर्षक: बलात्कार (Rape)/ बालकांवरील लैंगिक अत्याचार (Sexual Assault), ॲसिड हल्ला (Acid Attack) व ज्वालाग्रही/ज्वलनशील पदार्थांमुळे बळी पडलेल्या महिला आणि बालकांना अर्थसहाय्य व पुनर्वसन करण्यासाठी राज्यात सुधारित "मनोधैर्य योजनेची" व्याप्ती वाढविण्याबाबत
इस शासन निर्णय में क्या लिखा है?
इस शासन निर्णय में मनोधैर्य के सारे पुराने शासन निर्णय एक में मिलाए गए हैं और योजना का दायरा बढ़ाया गया है। पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन या रसोई गैस से हमले और पुलिस छापे में छुड़ाई गई 18 साल से कम की लड़कियां अब शामिल हैं।
मुख्य बातें
- 2013, 2014, 2017 और 2018 के शासन निर्णयों की जगह यह एक शासन निर्णय आया।
- अब शामिल: बलात्कार, बच्चों पर यौन अत्याचार (POCSO), एसिड हमला, ज्वलनशील पदार्थ से हमला, और अनैतिक व्यापार प्रतिबंध कानून के तहत पुलिस छापे में छुड़ाई गई 18 साल से कम की लड़कियां।
- योजना इस शासन निर्णय की तारीख से लागू है, पीछे की तारीख से नहीं, सिर्फ उच्च न्यायालय के आदेश वाले कुछ पुराने लंबित मामले छोड़कर।
- मदद: ज़्यादातर मामलों में 3 लाख रुपये तक और सबसे गंभीर मामलों में 10 लाख रुपये तक। 25 प्रतिशत तुरंत और 75 प्रतिशत 10 साल की सावधि जमा में।
- महाराष्ट्र राज्य विधि सेवा प्राधिकरण और जिला विधि सेवा प्राधिकरण आवेदन लेते हैं, तय करते हैं और पैसा देते हैं। यह एक खिड़की व्यवस्था है।
- पुलिस 1 घंटे के भीतर FIR और कागज़ भेजती है। इलाज के लिए 30,000 रुपये 7 दिन में और बाकी 120 दिन में मंजूर होते हैं।
- प्रमुख जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली जिला समिति कम से कम महीने में एक बार काम की समीक्षा करती है।
- अतिरिक्त सेवाएं: वन स्टॉप सेंटर की मदद, अस्पतालों में मुफ्त इलाज, मुफ्त परामर्श और कानूनी सलाह, और प्रशिक्षण व काम में मदद।
इसका असर किन पर हो सकता है?
बताए गए अपराधों की पीड़ित महिलाएं और बच्चे, पुलिस, अस्पताल, और जिला विधि सेवा तथा महिला एवं बाल विकास कार्यालय।
क्या बदला?
- ज्वलनशील पदार्थ से हमले जोड़े गए।
- पुलिस छापे में छुड़ाई गई 18 साल से कम की लड़कियां जोड़ी गईं।
- सारे पुराने शासन निर्णय एक में मिलाए गए।
- विधि सेवा प्राधिकरणों के ज़रिए एक खिड़की व्यवस्था।
आपको क्या करना चाहिए?
अगर आपको या किसी जानने वाले को यह मदद चाहिए, तो पुलिस, नज़दीकी वन स्टॉप सेंटर या जिला विधि सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें। रकम की पूरी तालिका के लिए अधिकृत PDF पढ़ें।
नए शासन निर्णय हो सकते हैं। अधिकृत पोर्टल देखें।
यह जानकारी कहां से आई
- विभाग
- महिला और बाल विकास विभाग, महाराष्ट्र सरकार
- शासन निर्णय क्रमांक
- मबावि 2020/प्र.क्र.165/का-2
- तारीख
- 1 जनवरी 2024
- आखिरी जांच
- 25 सितंबर 2026
LABHLO का सारांश सरकारी दस्तावेज़ नहीं है। अधिकृत PDF ही सरकारी दस्तावेज़ है।
अधिकृत PDF से LABHLO ने सार लिखा है। बाद के शासन निर्णयों ने इसे बदला हो सकता है।
जुड़ी हुई योजनाएं
Manodhairya Yojana (revised): help for victims of rape, child sexual abuse, acid attack and attacks with flammable substances
महाराष्ट्र की उन महिलाओं और बच्चों के लिए पैसा और सहारा, जो बलात्कार, बच्चों पर यौन अत्याचार, एसिड हमले, या पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन या रसोई गैस से हमले का शिकार हुए हैं, और पुलिस छापे में…
- लाभ
- ज़्यादातर मामलों में 3 लाख रुपये तक, और सबसे गंभीर मामलों में 10 लाख रुपये तक (स्थायी…
- किसके लिए
- बलात्कार, POCSO कानून के अपराध, एसिड हमले या ज्वलनशील पदार्थ से हमले की पीड़ित…
- आखिरी जांच
- 25 सित॰ 2026
इस शासन निर्णय के सार में गलती बताएं
LABHLO आसान सार देता है। अधिकृत शासन निर्णय ही अंतिम दस्तावेज़ है। कुछ करने से पहले अधिकृत PDF पढ़ें।